अपने कड़े फैसलों को लेकर हमेशा चर्चाओं में रहने वाले देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल एक नए मामले को लेकर चर्चाओं में हैं. इस बार चर्चा उनके किसी फैसले को लेकर नहीं, बल्कि शिकायत को लेकर हो रही है. दरअसल, डीएम सविन बंसल और देहरादून के कैंटोनमेंट बोर्ड क्लेमेंट टाउन की सीईओ अंकिता सिंह के बीच विवाद का मामला सामने आया है. खास बात है कि दोनों के कार्यक्षेत्र अलग-अलग हैं.
मामला, देहरादून जिलाधिकारी की बुलाई एक बैठक से जुड़ा है. जिसमें कैंटोनमेंट बोर्ड क्लेमेंट टाउन की सीईओ अंकिता सिंह हाजिर नहीं हुईं. इससे खफा डीएम बंसल ने सीईओ के सरकारी वाहन (रक्षा मंत्रालय की संपत्ति) को जब्त करने के लिए आरटीओ की टीम उनके घर भेज दी. जिसे सीईओ ने मानसिक उत्पीड़न और अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण बताते हुए मुख्यमंत्री धामी को पत्र लिखा और डीएम सविन बंसल की शिकायत की.
इस पूरे मामले पर डीएम देहरादून से भी पक्ष लेने के लिए दिन मीडिया कर्मी कोशिश करते रहे. लेकिन डीएम देहरादून ने किसी को कोई जवाब नहीं दिया और ना ही उन्होंने किसी का फोन उठाया. हालांकि, देर शाम उनके ऑफिस से एक स्पष्टीकरण नोट जरूर जारी किया गया.देहरादून डीएम का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के दौरे के समय डीएम देहरादून पर विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाया था, क्योंकि डीएम ने लोकसभा स्पीकर स्टाफ का फोन नहीं उठाया था और लोकसभा स्पीकर को प्रोटोकॉल नहीं मिल पाया था. इसके अलावा, देहरादून में आपदा के दौरान मंत्री गणेश जोशी का फोन न उठाने का मामला भी काफी चर्चाओं में रहा था.
