दिसंबर में महापौर कोटे से देहरादून नगर निगम के 100 वार्डों में प्रस्तावित विकास कार्यों की टेंजर सूची जारी गई थी. सूची जारी होने के बाद टेंडर में गड़बड़जाल होने का आरोप लगा था, जिसके बाद सभी टेंडर रोक दिए गए थे. साथ ही सभी टेंडरों की जांच के लिए पांच टीमों की जांच समिति बनाई गई. समिति ने अपनी जांच पूरी कर ली है.
समिति की जांच में सामने आया है कि देहरादून नगर निगम ने कुल 261 विकास कार्यों के टेंडर जारी किए गए थे, जिनमें 252 सही टेंडर सूची सही पाई गई है और 9 टेंडर को निस्तारित कर दिया गया है. साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है.
बता दें कि 12 दिसंबर 2025 में 100 वार्डों में महापौर कोटे से नगर निगम के सभी 100 वार्डों में प्रस्तावित विकास कार्यों की टेंडर सूची जारी की गई थी. उसके बाद कही पार्षदों ने सूची पर सवाल खड़े किए थे. उनका आरोप था कि अधिकांश वार्डों में जहां 20 से 22 लाख रुपए के कार्य स्वीकृत किए गए हैं तो कुछ वार्डों में 70 से 80 लाख रुपए तक के कार्य शामिल कर दिए गए हैं.
इस असमानता को लेकर विवाद बढ़ने पर मेयर सौरभ थापरियल और नगर आयुक्त ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए टेंडर सूची की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन जब इस जांच समिति ने टेंडर की जांच की तो सामने आया कि कुछ विकास कार्य गलत तरीके से टेंडर सूची में शामिल किए गए थे. इनमें से कुछ कार्य अन्य विभागों की ओर से ही पूरे किए जा चुके थे.
मेयर और नगर आयुक्त नमामि बंसल द्वारा जारी टेंडर के विकास कार्यों के भौतिक सत्यापन के लिए पांच टीमों का गठन किया गया था. गठित टीमों ने रिपोर्ट प्रस्तुत की गई कि कुल 261 कार्यों के सापेक्ष कुल प्रस्तावित कार्यों की संख्या 252 और सूची से निरस्त किए जाने के लिए 9 कार्य प्रस्तावित किए गए.
- वार्ड संख्या 5 के अमन विहार ग्रीन व्यूम रेजिडेंसी में सीसी सड़क का निर्माण.
- वार्ड 22 के अशोक अग्रवाल और महावीर जैन इंटर कॉलेज के पास सीसी सड़क, पुलिया निर्माण और नाली मरम्मत.
- वार्ड 41 के एडवोकेट विक्रम पुंडीर के घर से राजेंद्र ढिल्लों के घर तक नाले का निर्माण कार्य.
- वार्ड 60 के डांडा लंखोड़ शिव गंगा एनक्लेव लेन संख्या 4 में सीसी सड़क और नाली का निर्माण.
- वार्ड 91 के चंद्रबनी में रावत के घर के पास सड़क और नाली निर्माण कार्य.
- वार्ड 31 के कोलागढ गंगा विहार लेन संख्या चार में सीसी सड़क का निर्माण कार्य.
- वार्ड 48 के अपर राजीव नगर में सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल के पास पुश्ता लगाने का कार्य.
- वार्ड 18 इंदिरा कॉलोनी में विकास सोनकर से अरुण पाल तक सीसी सड़क और नाली निर्माण.
- वार्ड 80 के त्यागी रोड पर कुष्ठ आश्रम के पास सीसी सड़क का निर्माण.
जांच समिति द्वारा जब इन वार्डो की जांच की गई तो पाया कि वार्ड 5, 22, 4, 60 और 91 में कार्यों की जरूरत नहीं थी. इसलिए इन कार्यों को निरस्त किया गया. वार्ड 31 और वार्ड 48 में विकास कार्य विधायक निधि द्वारा प्रस्तावित थे. यहां कार्य में पुनरावृत्ति पाई गई है. इसलिए कार्य निरस्त किए गए है.
वार्ड 18 और वार्ड 80 में विकास कार्य अन्य विभाग द्वारा कार्यों की सूची में शामिल किया गया, जिस कारण कार्यों को निरस्त किया गया. जांच समिति रिपोर्ट में वार्ड 5, 22, 4, 60 और 91 के कार्यों को औचित्यपूर्ण नहीं पाया गया, जिस कारण क्षेत्रीय अवर अभियंता विनोद थपलियाल और सहायक अभियंता राजेश रावत और रजित कोटियाल को भविष्य में अपने कार्य को सजगता से करने की कठोर चेतावनी जारी की गई है. वहीं जनवरी का वेतन रोका गया है.
वार्ड 31, 48, 18 और 80 के विकास कार्यों की सूची में पुनरावृत्ति करने और अन्य विभाग द्वारा किए गए कार्यों को सूची में शामिल करने पर संबंधित पटल प्रभारी गौरी गुप्ता को तत्काल पटल से हटाते हुए उपनगर आयुक्त के साथ संबद्ध किया गया है.
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया है कि सभी अधिकारी कर्मचारियों से अपेक्षा की गई है कि वह अपना कार्य पूर्ण निष्ठा के साथ करेंगे. भविष्य में अगर इस प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ विभाग के कार्रवाई की जाएगी.
इसके अलावा नगर निगम विकास कार्यों के लिए नियमावली तैयार करेगा. कार्यों में पारदर्शिता के लिए सहायक अभियंता और अवर अभियंता द्वारा विकास कार्यों का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाएगा कि कार्य औचित्यपूर्ण है और अन्य कार्रवाई संस्था को इस कार्य के लिए नगर निगम द्वारा अनापत्ति नहीं दी गई है, ताकि कार्य दोबारा न हो.
साथ ही नियमावली का एक यूनिक आईडी होगा. जैसे कि अगर किसी वार्ड में कोई काम हुआ है तो उसकी एक यूनिक आईडी बनाई जाएगी, जिससे जब आगे वार्ड में विकास कार्यों होते है तो निगम को जानकारी रह सके कि पिछले कितने सालों में कितना विकास कार्य हुआ है.
