पिछले करीब 75 दिनों से बार-बार 112 और वसंत विहार थाने मे और SPcity देहरादून बार बार को शिकायत के बावजूद भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई और लाउड स्पीकर बंद होने के बजाये अब लगातार रोज सुबह 5 बजे पर लाउड स्पीकर मे अजान
पिछले काफी दिनों से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित मस्जिद में लाउडस्पीकर के माध्यम से तेज़ आवाज़ में ध्वनि प्रसारित की जाती है,जो स्पष्ट रूप से Noise Pollution (Regulation and Control) Rules, 2000 का उल्लंघन है,यह मस्जिद वसंत विहार पुलिस थाना क्षेत्र के निकट स्थित है, इसके बावजूद स्थिति निरंतर बनी हुई है।
इस संबंध में 112 पुलिस कंट्रोल रूम पर कई बार शिकायत दर्ज हुई है जिनके संदर्भ क्रमांक निम्न हैं:
2518313 (UK20260120000095)
2520531 (UK20260122000092)
2528997 (UK20260129000073)
2568294 (UK20260301000116)
2560520 (UK20260223000138)
2573005 (UK20260304000188)
2575918 (UK20260305000097)
2580018 (UK20260308000116)
2583808 (UK20260311000109)
2589019 (UK20260315000113)
2590264 (UK20260316000113)
2593806 (UK20260319000115)
2580018 (UK20260308000116)
2583808 (UK20260311000109)
2589019 (UK20260315000113)
2590264 (UK20260316000113)
2593806 (UK20260319000115)
इन शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है,क्या पुलिस को यह विषय गंभीर नहीं लगता है जो पिछले 70-80 दिनों से ये नहीं पता लगा पाई है की ये कौन सी मस्जिद है क्या सिर्फ मस्जिद के मौलवीयो से मीटिंग करके ही समस्या का समाधान मिल जायेगा या फिर सुबह 5 बजे पर आवाज को पकड़ने का प्रयास किया जाए की आखिरकार कौन सी मस्जिद है ये जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पिछले 70-80 दिनों से उलंघन कर रही है और पुलिस का और क़ानून का मज़ाक बना कर रखा है
वर्तमान में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाएँ चल रही है,बच्चे देर रात तक अध्ययन करते हैं और सुबह इस प्रकार के तेज़ शोर से उनकी नींद, एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत्त शांतिपूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लंघन है,क्या संबंधित पुलिस थाना बसंत विहार को निर्देशित कर सुबह 6 बजे से पहले लाउडस्पीकर के पूर्ण प्रतिबंध को सख्ती से लागू कराया जाए।
नियमों का उल्लंघन करने पर Noise Pollution Rules, 2000 के अंतर्गत आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए

भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्थायी निर्देश जारी किए जाने चाहिए,इस गंभीर विषय को जनहित एवं छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र संज्ञान में लेना चाहिए
